GST के बाद छोटे कारोबारियों में बिजनेस को लेकर कंफ्यूजन, ये जवाब करेंगे परेशानी दूर

GST के बाद छोटे कारोबारियों में बिजनेस को लेकर कंफ्यूजन, ये जवाब करेंगे परेशानी दूर: देश भर में गुड्स एंड सर्विस टैक्‍स (जीएसटी) लागू हो चुका है। सालाना 20 लाख रुपए तक का कारोबार करने वालों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है, लेकिन सोमवार को जब CAknowledge.in ने दिल्‍ली–हरियाणा के 20 लाख से कम कारोबार करने वालों से बातचीत की तो वे बेहद कंफ्यूज दिखे। वे यह नहीं समझ पा रहे हैं कि इसका उन्‍हें फायदा होगा या नुकसान। वे जीएसटी में रजिस्‍टर्ड कारोबारियों से कैसे कारोबार करेंगे। उनके ऐसे उलझे सवालों का जवाब ढूंढ़ने के लिए CAknowledge.in ने टैक्‍स एक्‍सपर्ट से बातचीत की। जानिए, क्‍या हैं ये जवाब  –

GST के बाद छोटे कारोबारियों में बिजनेस को लेकर कंफ्यूजन, ये जवाब करेंगे परेशानी दूर

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सवाल : मेरी टर्नओवर 20 लाख रुपए से कम है, क्‍या मुझ़े जीएसटी में रजिस्‍ट्रेशन कराना होगा ?  

जवाब : नहीं, आपको रजिस्‍ट्रेशन की कोई जरूरत नहीं है।

सवाल : अगर मैं रजिस्‍टर्ड डीलर से कारोबार करता हूं, तब क्‍या करना होगा ?

जवाब : हां, आप वॉलन्टियरी रजिस्‍ट्रेशन करा सकते हैं, बेशक आप 20 लाख से कम कारोबार करते हैं, क्‍योंकि आपको यदि रजिस्‍टर्ड डीलर से कारोबार करना है या आप किसी दूसरे राज्‍य में अपना माल भेजते हैं तो आपको रजिस्‍ट्रेशन कराना होगा। हालांकि दूसरे राज्‍य से माल लेने पर आपको रजिस्‍ट्रेशन की जरूरत नहीं है।

सवाल : अगर मैं रजिस्‍ट्रेशन नहीं कराता हूं तो मुझे क्‍या नुकसान होगा ?

जवाब : अगर आप जीएसटी में रजिस्‍ट्रेशन नहीं कराते हैं तो आपको कई नुकसान होंगे। जैसे कि आप किसी जीएसटी रजिस्‍टर्ड कारोबारी से कच्‍चा माल लेते हैं तो आपको सरकार द्वारा निर्धारित रेट से जीएसटी देना होगा, क्‍योंकि डीलर आपको बीटूसी (बिजनेस टू कस्‍टमर) मानते हुए माल देगा, लेकिन जब किसी रजिस्‍टर्ड कंपनी को पक्‍का माल सप्‍लाई करते हैं तो आप जीएसटी चार्ज नहीं कर सकते। यानी कि, आपको कच्‍चा माल खरीदना महंगा पड़ता है। इसे ऐसे भी समझ सकते हैं। मान लिया कि आप ऑटो पार्ट बनाते हैं और उसके लिए स्‍टील खरीदते हैं तो आपको जीएसटी का भी भुगतान करना होगा, लेकिन जब आप ऑटो पार्ट बना कर सप्‍लाई करते हैं तो आप जीएसटी चार्ज नहीं कर पाएंगे। जो आपके लिए महंगा साबित होगा, जबकि जीएसटी रजिस्‍ट्रेशन कराने पर आप जीएसटी चार्ज कर सकते हैं।

सवाल : अगर मैं रजिस्‍ट्रेशन कराता हूं तो मुझे क्‍या फायदा होगा?

जवाब : अगर आप रजिस्‍ट्रेशन कराते हैं तो आप किसी भी राज्‍य में बिजनेस कर सकते हैं। आपने जो जीएसटी का भुगतान किया है, वह आपको वापस मिल जाता है। इसके अलावा, आपको इंट्रा स्‍टेट ( राज्‍य के अंदर) बिजनेस करने पर कंपोजिशन स्‍कीम का फायदा मिलता है। साथ ही, आपको छोटा कारोबारी होने के कारण आपको हर माह की बजाय तीन माह में रिटर्न भरनी होगी, हालांकि टैक्‍स हर महीने देना होगा। इतना ही नहीं, जीएसटी नंबर होने कारण बड़े कारोबारी आप के साथ बिजनेस करने में अधिक रुचि दिखाएंगे।

सवाल:  जीएसटी मैं  टैक्स कब और किस पर लगेगा मैन्यूफैक्चर और चार ब्रोकर के जरिए सामान उपभोक्ता तक पहुंचता है तो क्या सभी टैक्स देंगे

जवाब:   बेचने वाला खरीदने वाले से टैक्स लेकर सरकार के पास जमा करेगा किसी प्रोडक्ट का मैन्यूफैक्चर उस पर तय जीएसटी रेट देगा उसके बाद सभी कारोबारी जितना वैल्यू एडिशन करेंगे सिर्फ उस हिस्से पर टैक्स देंगे बाकी पर उन्हें इनपुट क्रेडिट मिलेगा

सवाल:   कहां जा रहा कि 1 साल से अधिक का स्टॉक जीएसटी के लिए मान्य नहीं होगा व्यापारी को क्या पता है कि उसका ग्राहक कब आएगा सीजनल माल आउट ऑफ फैशन माल बच ही जाता है इसके लिए क्या नियम है

जवाब: वेट में रजिस्टर्ड है तो वह क्रेडिट एसजीएसटी के रूम में कैरी फॉरवर्ड हो जाएगा इसके लिए 1 साल की लिमिट नहीं है अगर मौजूदा नियमों के तहत आपका रजिस्टर्ड होना जरूरी नहीं तो भी कुछ शर्तों के साथ क्रेडिट क्लेम कर सकते हैं एक शर्त यह है कि सामान खरीदने का इनवॉइस 12 महीने से पुराना नहीं होना चाहिए यानी 1 जुलाई 2017 से जीएसटी लागू होता है तो इनवॉइस एक जुलाई 2016 से पुराना ना हो

सवाल:  मेरी साड़ी की दुकान है दूसरे राज्यों को भी सप्लाई करता हूं मुझे क्या करना होगा इनपुट टैक्स क्रेडिट क्या है

जवाब:  आप दूसरे राज्यों को सप्लाई करते हैं इसलिए जीएसटी में रजिस्ट्रेशन जरूरी है इनपुट पर आप भी जो भी टैक्स चुकाते हैं उसका क्रेडिट क्लेम कर सकते हैं इसी को इनपुट टैक्स क्रेडिट कहते हैं

सवाल:  कंपोजीशन डीलर जिसकी पिछले साल Sale 50 लाख से ज्यादा थी उसका क्या होगा उसको स्टॉक पर टैक्स इनपुट मिलेगा

जवाब:  कंपोजीशन स्कीम की सीमा बढ़ाकर 75 लाख रुपए सालाना की गई है इसमें इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलेगा

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