GST में छोटे कारोबारियों को भरने होंगे 37 रिटर्न, GST Return in Hindi 2017

GST Return in Hindi 2017: GST में छोटे कारोबारियों को भरने होंगे 37 रिटर्न, फॉर्म-टैक्स ऑनलाइन भरे जाएंगे. गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) को एक जुलाई से लागू करने के लिए सेंट्रल गवर्नमेंट भले अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन छोटे कारोबारी बेचैन हैं। उन्हें पहले से भी ज्यादा कागजी और कानूनी फॉर्मेलिटीज पूरी करनी होंगी। नए टैक्स सिस्टम के लागू होने के बाद न सिर्फ इंडस्ट्री, अकाउंटेंट्स बल्कि बैंकों का काम भी बढ़ जाएगा। दरअसल, नए सिस्टम में छोटे कारोबारियों को 37 टैक्स रिटर्न भरने होंगे। जबकि अभी सालभर में सिर्फ 13 टैक्स रिटर्न भरने पड़ते हैं। उधर, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने संसदीय पैनल को इन्फॉर्म किया है कि उसके मेंबर बैंक अभी भी GST अप्लाई करने के लिए तैयार नहीं हैं। नियम के मुताबिक, अब सभी तरह के फॉर्म और टैक्स ऑनलाइन भरे जाएंगे। इसके लिए पूरे सिस्टम को अपडेट करना पड़ेगा।हर तीन महीने के रिटर्न करने होंगे दाखिल…

GST Return in Hindi

GST Return in Hindi

कारोबारियों को हर महीने तीन तरह के रिटर्न दाखिल करने होंगे। इसके अलावा एक रिटर्न सालाना तौर पर दाखिल करना होगा। अगर किसी कारोबारी का कारोबार एक से ज्यादा स्टेट में है तो उसे और ज्यादा रिटर्न दाखिल करने होंगे। माना जा रहा है कि अगर किसी कारोबारी का कारोबार तीन स्टेट में है तो उसे सालभर में कुल 111 टैक्स रिटर्न भरने होंगे। साफ है कि इससे सभी कारोबारियों पर सीए जैसे प्रोफेशनल्स की सर्विसेज लेना जरूरी हो जाएगा। इससे उनका खर्च बढ़ेगा।

एक जुलाई से देशभर में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) को लागू करने के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है। भले ही सरकार जीएसटी लागू करने की तैयारियों को पूरा बता रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। 20 दिन से कम समय बचे होने के बावजूद अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले छोटे कारोबारियों में इस नए टैक्स स्ट्रक्चर के विषय में जानकारी बहुत ही कम है। सबसे बड़ी चिंता जीएसटी में रिटर्न भरने को लेकर है। छोटे कारोबारी जिनका कारोबार एक राज्य में सीमित है, उन्हें अब तक एक साल में 13 रिटर्न भरने होते हैं। जीएसटी लागू होने के बाद इसकी संख्या 37 हो जाएगी। इंडिया स्पेंड की रिपोर्ट के मुताबिक इससे छोटे कारोबारियों पर अकाउंट मेनटेन करने से लेकर बैंकिंग कामों का बोझ बढ़ेगा। ऐसे में वित्तीय सलाहकार, चार्टड अकाउंटेंट, बैंकिंग एक्सपर्ट औैर इंडस्ट्री का मानना है कि 1 जुलाई से जीएसटी लागू करना जल्दबाजी होगा, क्योंकि अभी तैयारी आधी-अधूरी है। जीएसटी लागू करने का सही समय 1 सितंबर होना चाहिए।

महीने में 3 रिटर्न भरने होंगे

जीएसटी के तहत किए गए प्रावधान के मुताबिक छोटे कारोबारियों को एक वर्ष में 37 रिटर्न भरने होंगे। इसके तहत जीएसटीआर 1, 2 एवं 3 मासिक होंगे एवं जीएसटीआर 9 सालान होगा। यानी, एक महीने में 3 तो पूरे साल में 36 और एक वित्त वर्ष की समाप्ति के बाद भरना होगा।

रिटर्न भरने की तारीख

जीएसटीआर 1 मे मासिक बिक्री का विवरण जो कि अगले माह की 10 तारीख तक, जीएसटीआर 2 में मासिक खरीद का विवरण जो कि अगले माह की दिनांक 10 के बाद परन्तु 15 तारीख तक भरना होगा, जीएसटीआर 3 मासिक कर रिटर्न जो कि अगले माह की 30 तारीख तक भरना होगा। जीएसटीआर 9 वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद 31 दिसम्बर तक भरना होगा। समय पर रिटर्न न भरने वालों पर जीएसटी में पेनल्टी का प्रावधान किया गया है।

Other Details fro GST in Hindi

कंज्यूमर :कंज्यूमर किसी को सेकंड हैंड कार बेचता है तो उसे टैक्स नहीं देना पड़ेगा

Q. गाड़ियों और सेकंड हैंड कार पर कितना टैक्स लगेगा?

Ans. नई कार पर टैक्स 28 फीसदी और ऊपर से सेस लगेगा। सेस कितना होगा, यह कार पर डिपेंड करता है। आम कंज्यूमर किसी को कार बेचता है (सेकंड हैंड) तो उसे टैक्स नहीं देना।

Q.होम लोन पर भी जीएसटी लगेगा?

Ans. नहीं। होम लोन पर जीएसटी लागू नहीं होगा। बैंक अपने हिसाब से ब्याज लेंगे, लेकिन लोन सैंक्शन करते वक्त सर्विसेज का कोई कम्पोनेंट है तो वह महंगा होगा। सर्विसेज पर टैक्स रेट 15% से बढ़कर 18% हो जाएगा। 

Q.सेविंग्स को कैसे बचा सकते हैं?

Ans. इनकम और बचत पर जीएसटी लागू नहीं होगा। उसके लिए इनकम टैक्स कानून है।

Q.फाइनेंस कंपनी पर क्या असर होगा?

Ans. फाइनेंशियल सर्विसेज महंगी होंगी। असर कंज्यूमर पर आएगा। कंपनी को तो टैक्स क्रेडिट मिल जाएगा।

Q.बेडशीट पर क्या टैक्स रेट है?

Ans. कीमत 1,000 रुपए तक है तो 5%, कीमत 1,000 से ज्यादा है तो 12% टैक्स लगेगा।

Q.फोन पर कितना फायदा होगा?

Ans. देश में बने फोन महंगे हो सकते हैं। इम्पोर्टेड की कीमत घटने की उम्मीद है।

Q.दवा और सर्जिकल प्रोडक्ट पर कितना टैक्स लगेगा?

Ans. लाइफ सेंविंग मेडिसिन पर 5% और दूसरी मेडिसिन पर 12% टैक्स लगेगा। सर्जिकल इन्स्ट्रूमेंट्स पर 12% और दिव्यांगों के इस्तेमाल की चीजों पर 5% टैक्स लगेगा।

Q.नमकीन पर कितना जीएसटी लगेगा?

नमकीन भुजिया, मिक्सचर, चबेना या ऐसे इडिबल्स पर 12% टैक्स लगेगा।

# ट्रेडर:इनवॉयस में एक्साइज पेमेंट का जिक्र नहीं तो उसका क्रेडिट नहीं मिलेगा

Q.मैंं एक मैन्युफैक्चरर हूं। 1 जुलाई को जो स्टॉक मेरे पास रहेगा, उसका क्रेडिट मिलेगा या नहीं? खरीद बिल में एक्साइज ड्यूटी का जिक्र नहीं है तो क्या उसका भी क्रेडिट मिलेगा?

Ans. इनवॉयस में यह नहीं लिखा कि एक्साइज ड्यूटी दिया गया है, तो क्रेडिट नहीं मिलेगा।

Q.मैं एफएमसीजी डीलर हूं। किसे सामान बेच सकता हूं? पेमेंट कैसे लेना है?

Ans. किसी को बेचने या पेमेंट लेने पर पाबंदी नहीं है। हां, दूसरे कानून के तहत कैश पेमेंट लेने की लिमिट 2 लाख रुपए तय की गई है।

Q.हमारी किराना की दुकान है। जीएसटी नहीं लिया तो क्या दिक्कत होगी?

Ans. सालाना बिजनेस 20 लाख से कम है तो रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं। बिजनेस 20 लाख से ज्यादा है तो रजिस्ट्रेशन जरूरी है। इसके बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट भी नहीं मिलेगा।

Q.स्टॉक पर जीएसटी कितना लगेगा? कितने समय तक स्टॉक रख सकते हैं?

Ans. अगर आप क्रेडिट क्लेम नहीं करते तो क्लोजिंग स्टॉक रखने की कोई लिमिट नहीं है। अगर आप सीजीएसटी/एसजीएसटी में 60%/40% क्रेडिट क्लेम कर सकते हैं, तो इसकी लिमिट 6 महीने है।

Q.60% इनपुट क्रेडिट कब मिलेगा?

Ans. जिस सामान पर सीजीएसटी रेट 9% (जीएसटी 18%) या ज्यादा है उस पर 60% क्रेडिट मिलेगा। सीजीएसटी रेट 9% से कम है तो 40% क्रेडिट मिलेगा।

Q.मेरा मेडिकल का बिजनेस है। मेरा बिजनेस सालाना 10 लाख का है। मैंने वैट नंबर जमा कराया है। मुझे माल मिलने में कोई दिक्कत तो नहीं होगी?

Ans. सालाना टर्नओवर 20 लाख रुपए से ज्यादा है तो रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा। दूसरे स्टेट में सप्लाई है तो भी रजिस्ट्रेशन जरूरी है, भले ही टर्नओवर 20 लाख से कम हो। सप्लाई एक ही स्टेट में और सालाना बिक्री 20 लाख रुपए से कम है तो रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं।

क्या है GST?

GST का मतलब गुड्स एंड सर्विसेस टैक्‍स है। आसान शब्‍दों में कहें तो जीएसटी पूरे देश के लिए इनडायरेक्‍ट टैक्‍स है, जो भारत को एक जैसा बाजार बनाएगा। एक जुलाई से GST देशभर में लागू होना है। 17 साल की कवायद के बाद GST इसलिए लाया गया क्योंकि अभी एक ही चीज के लिए दो राज्यों में अलग-अलग कीमत चुकानी पड़ती है। जीएसटी लागू होने पर सभी राज्यों में लगभग सभी गुड्स एक ही कीमत पर मिलेंगे।

जीएसटी को केंद्र और राज्‍यों के 17 से ज्‍यादा इनडायरेक्‍ट टैक्‍स के बदले में लागू किया जा रहा है। इससे एक्‍साइज ड्यूटी, सेंट्रल सेल्स टैक्स (सीएसटी), स्टेट के सेल्स टैक्स यानी वैट, एंट्री टैक्स, लॉटरी टैक्स, स्टैम्प ड्यूटी, टेलिकॉम लाइसेंस फीस, टर्नओवर टैक्स, बिजली के इस्तेमाल या सेल्स और गुड्स के ट्रांसपोर्टेशन पर लगने वाले टैक्स खत्म हो जाएंगे।

Recommended Articles –